Share Market Ki Jankari Hindi Me

Share Market Ki Jankari Hindi Me: नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे शेयर मार्केट से संबंधित सारी बेसिक जानकारी आसान भाषा में सबसे पहले हम शेयर मार्केट के शुरुआती चरणों से शुरू करेंगे इसके बाद बुनियादी चीजों को समझेंगे. सबसे पहले हम जानते हैं कि शेयर क्या होते हैं…

Share Market Ki Jankari Hindi Me
Share Market Ki Jankari Hindi Me

शेयर क्या है और शेयर किसे कहते हैं

शेयर कंपनी का एक हिस्सा होता है शेयर इसलिए जारी किया जाता है ताकि कंपनी पैसा जुटा सके (बिजनेस को बढ़ाने के लिए).

कंपनी शेयर क्यों बेचती है

कंपनी से इसलिए बेचती है ताकि वह अधिक से अधिक पैसे जुटा सके और अपने बिजनेस को और भी ज्यादा बढ़ा सकें

शेयर कितने प्रकार के होते हैं

शेयर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है:-

  1. इक्विटी शेयर
  2. परेफरेंस शेयर
  3. DVR शेयर
  • इक्विटी शेयर: स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनी जब अपना शेयर इशू करती है तो उन शेयर को इक्विटी शेयर कहा जाता है
  • परेफरेंस शेयर: परेफरेंस शेयर होल्डर कभी भी कंपनी कि मीटिंग में वोटिंग नहीं कर सकता
  • DVR: Differential Voting Rights
  • DVR शेयर: डीवीआर शेयर होल्डर को इक्विटी शेयर होल्डर की तरह बेनिफिट मिलते हैं लेकिन इनकी कंपनी में वोटिंग करने के अधिकार पहले से सुनिश्चित होते हैं

शेयर होल्डर किसे कहते है: जो इंसान शेयर को अपने पास खरीद के रखता है उसे शेयर होल्डर कहते है

बैलेंस शीट में शेयर क्या है: जैसा कि नाम से स्पष्ट है बैलेंस शीट हमेशा संतुलित यानी बैलेंस रहती है, सामान्य भाषा में कहें तो, बैलेंस शीट में कंपनी की कुल परिसंपत्ती, कंपनी की कुल देनदारियों के बराबर होती है। 

शेयर कैपिटल क्या है: शेयर कैपिटल वह पैसा होता है जो कंपनी अपने शेयरों को बेचकर जुटाती है.

ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल: वह शेयर कैपिटल जिसे कंपनी अपने पूरे लाइफ में जुटा सकती है या उतनी जुटाने की अनुमति है. उदाहरण: ABC कंपनी की ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल 90 लाख है। जिसका मतलब है की कंपनी अपने पूरे लाइफ में ज्यादा से ज्यादा 90 लाख ही जुटा सकती है।

जारी की गई कैपिटल और साझा कैपिटल: इशू कैपिटल ऑथराइज्ड कैपिटल का वह हिस्सा होती है जितने हिस्से के शेयर कंपनी जारी करती है.

उदाहरण: ABC कंपनी जिसकी साझा कैपिटल 90 लाख रूपए है। वह IPO के समय अगर सिर्फ 45 लाख के शेयर ही बेचने के लिए जारी करे तो उस 45 लाख को जारी की गई कैपिटल कहते है।

सब्सक्राइब्ड कैपिटल क्या है: जब कोई कंपनी शेयरों के एक जारी करने के लिए के लिए जाती है, तो जारी की जाने वाली राशि को “जारी की गई पूंजी” कहा जाता है, जबकि वास्तव में सदस्यता ली गई राशि को “सब्सक्राइब्ड कैपिटल” कहा जाता है।

बोनस शेयर: बोनस शेयर वह शेयर होते हैं जिसे कंपनी कंपनी के पहले से खरीदे हुए ग्राहकों को बोनस के रूप में जारी करती है

राइट शेयर: राइट शेयर कंपनी द्वारा जारी किए गए वह शेयर होते हैं जिसको कंपनी की सब्सक्राइब की गई शेयर कैपिटल को बढ़ाने के उद्देश्य से अभी के शेयर होल्डर को जारी किया जाता है

शेयर मार्केट: परिचय

शेयर बाजार, कंपनियों के लिए धन जुटाने और निवेशकों के लिए बढ़ते व्यवसायों में अंश-स्वामित्व (Share) खरीदने और उनकी संपत्ति बढ़ाने का एक स्रोत (Source) है। हालांकि, कंपनियों के शेयरों के अलावा, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) और डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट (Future) जैसे अन्य उपकरण (instruments) भी शेयर बाजार में कारोबार करते हैं।

भारत में, शेयर बाजार देश में दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) को संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक शब्द है। इसके अलावा 22 क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज भी हैं।

शेयर मार्केट क्या है

एक स्टॉक एक्सचेंज, सिक्योरिटीज एक्सचेंज एक सुविधा है जहां स्टॉकब्रोकर (Jaise Zerodha, FYERS, ICICI) और Trader प्रतिभूतियों को खरीद और बेच सकते हैं, जैसे स्टॉक और बॉन्ड और अन्य वित्तीय उपकरण (instruments)। स्टॉक एक्सचेंज आय (Income) और लाभांश (Dividend) के भुगतान सहित इस तरह की प्रतिभूतियों (Securities) और उपकरणों और पूंजी की लेनदेन के लिये Buy or Sell के लिए सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं।

स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार करने वाली प्रतिभूतियों में सूचीबद्ध कंपनियों, यूनिट ट्रस्टों, डेरिवेटिव्स, जमा निवेश उत्पादों और बांडों द्वारा जारी स्टॉक शामिल हैं

शेयर बाजार दो प्रकार के होते हैं:

प्राथमिक शेयर बाजार: एक कंपनी धन जुटाने के लिए प्राथमिक बाजार में प्रवेश करती है। प्राथमिक बाजार में एक कंपनी जनता को शेयर जारी करने और धन जुटाने के लिए पंजीकृत हो जाती है। इस तरीके में कंपनी आईपीओ आईपीओ के जरिए पैसेज उठाती है.

द्वितीयक शेयर बाजार: आईपीओ जारी होने के बाद जब शहर सामान्य रूप से स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती है तब उसे निवेशक, ट्रेडर्स द्वारा खरीद और बिक्री के लिए प्रयोग में लाया जाता है.

भारतीय शेयर बाजार का इतिहास

भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की बात करें तो यहां 18वीं शताब्दी में शुरू होता है, जब ट्रेडिंग फ्लोर मुंबई में टाउन हॉल के सामने एक विशाल बरगद के पेड़ की छाया के नीचे था। इस पेड़ के नीचे कुछ लोग अनौपचारिक रूप से कपास का व्यापार करते थे। इसके पीछे का कारण यह था कि मुंबई एक व्यस्त व्यापारिक बंदरगाह था और अक्सर यहां आवश्यक वस्तुओं का व्यापार होता था।

1850 में कंपनी अधिनियम लागू किया गया था, जिसके बाद निवेशकों (Investers)ने कॉर्पोरेट प्रतिभूतियों (Securities) में रुचि दिखानी शुरू की।

निवेशक: एक निवेशक वह व्यक्ति होता है शेयर को खरीदते है और लम्बे समय के बाद उन्हें बेचते है, जो भविष्य में ज्यादा पैसा पाने की उम्मीद के साथ पूंजी को बांटता है या लाभ प्राप्त करता है। निवेश के प्रकारों में शामिल हैं: इक्विटी, डेट सिक्योरिटीज, रियल एस्टेट, करेंसी, कमोडिटी, टोकन, डेरिवेटिव्स जैसे पुट एंड कॉल ऑप्शन, फ्यूचर्स, फॉरवर्ड, आदि।

स्टॉक एक्सचेंज की भूमिका

जैसा कि दोस्तों आप सभी जानते हैं कि कोई भी कंपनी बनती है तो उसे रोजगार पैदा होते हैं यह तो आम बात है, यहां बैंकिंग प्रणाली द्वारा किसी व्यक्ति या फर्म को ऋण या ऋण के रूप में प्रदान की गई उधार क्षमता के अलावा, एक स्टॉक एक्सचेंज कंपनियों को निवेश करने वाली जनता को शेयर बेचने के माध्यम से बिजनेस को बढ़ाने के लिए पैसा जुटाने की सुविधा प्रदान करता है।

स्टार्टअप कंपनियों के लिए पैसा का एक सामान्य स्रोत स्टॉक एक्सचेंज है।

सेंसेक्स क्या है

सेंसेक्सशब्द का सर्वप्रथम उपयोग दीपक मोहिनी द्वारा किया गया था यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है Sensitive और Index इसका मतलब यह होता है संवेदी सूचकांक.

सेंसेक्स हमारे भारतीय शेयर बाजार का एक इंडेक्स है जो बांबे स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध जितने भी Share हैं उनके भाव में तेजी और मंदी को दर्शाता है अगर सेंसेक्स ऊपर जा रहा है इसका मतलब है बीएसए ने बंबई स्टाक एक्सचेंज के शेयर ऊपर जा रहे हैं

अगर सेंसेक्स नीचे आ रहा है मतलब मुंबई स्टॉक एक्सचेंज शेयर नीचे आ रहे हैं नीचे आना मतलब का घटना ऊपर जाना मतलब प्राइस का बढ़ना होता है

अब जानते हैं निफ्टी क्या है

जैसा कि सेंसेक्स, बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक है वैसे निफ्टी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक है निफ्टी में भारत के टॉप 50 कंपनियां लिस्ट हैं जब निफ्टी ऊपर जाता है इसका अर्थ है कि टॉप 50 कंपनियों में ज्यादातर शेयर का प्राइस ऊपर जा रहा है

इक्विटी मार्किट क्या है

दोस्तों इक्विटी शेयर को सामान्य तौर पर सामान्य शेयर या फिर ऑर्डिनरी शेयर कहते हैं इक्विटी शेयर वह शेयर होते हैं जिनमें इन्वेस्टर अपना पैसा लगाते हैं अगर आप इन इक्विटी शेयर में अपना स्वामित्व खरीदते हैं यानी कंपनी का स्वामित्व खरीदते हैं इक्विटी शेयरों में निवेश करते हैं तो आपको कई तरह के लाभ मिलते हैं आप एक तरह से कंपनी के आंशिक स्वामित्व के हकदार होते हैं

कंपनी खुद आपको Ownership देती है

आपके मन में अभी सवाल आ रहा होगा कि इक्विटी में निवेश कैसे करें? तो इसके लिए आपको डीमेट खाता खुलवाना होगा क्योंकि इक्विटी में निवेश करने के लिए आपको एनएसई निफ्टी या फिर बीएसई सेंसेक्स के माध्यम से शेयर में निवेश करना होगा जिसकी चर्चा हम आगे करने वाले हैं

शेयर मार्केट में शेयर कैसे ख़रीदे जाते हैं

दोस्तों शेयर मार्केट में शेयर खरीदने के लिए सबसे पहले आपके पास एक डीमेट खाता होना चाहिए

डिमैट एकाउंट क्या होता है

डिमैट खाते के माध्यम से आप शेरों की खरीद बिक्री कर सकते हैं अगर आप डीमैट खाता ओपन कर आते हैं तो आप को सबसे सस्ते ब्रोकरेज चार्ज करने वाले ब्रोकर के पास खाता खुलवाना चाहिए

सबसे सस्ते ब्रोकरेज चार्ज करने वाले ब्रोकर करके कुछ नाम है जिसे जीरोधा फायर इत्यादि एक बार जब आपका डीमैट खाता खुल जाता है तो आपको उसमें पैसे ऐड करने होते हैं

जैसे आप उसमें पैसे ऐड करते हैं तो आपको ब्रोकर शेयर खरीदने की अनुमति देता है

डिमैट खाते ओपन करने के लिए आपको अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड, इसके साथ ही आपको अपनी फोटो सिग्नेचर इनकम की प्रूफ पते का प्रमाण इत्यादि दिखाना पड़ता है, क्योंकि डीमैट खाता आपके शेयरों को डिमेटाइज द फॉर्मेट में रखने की अनुमति देता है इसीलिए इसे डीमैट खाता कहते हैं

डिमैट एकाउंट कैसे खुलवाते हैं

दोस्तों डिमैट अकाउंट खोलने के लिए आपको सबसे पहले एसबीआई यानी सेबी रजिस्टर्ड स्टॉक ब्रोकर ब्रोकर से संपर्क करना होगा डिमैट अकाउंट खोलने के लिए फोटो पैन कार्ड एड्रेस प्रूफ कैंसिल चेक की जरूरत होती है इसके अलावा फ्यूचर और ऑप्शन की ट्रेडिंग के लिए 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट भी देना जरूरी होता है

डिमैट एकाउंट चार्ज और फीस

दोस्तों अलग-अलग ब्रोकर अलग-अलग डिमैट अकाउंट का चार्ज करते हैं सामान्यतः यह 1 साल में 500 से 300 और 800 के बीच में होता है.

यह आप पर निर्भर करता है कि आप फुल सर्विस ब्रोकर यानी कि ब्रोकिंग के साथ सभी सेवाएं जैसे कि स्टॉक खरीदने के लिए टिप्स इत्यादि प्रोवाइड करते हैं उन्हें फुल सर्विस ब्रोकर कहते हैं डिस्क राउंड ब्रोकर उन्हें कहते हैं जो ब्रोकरेज कम चार्ज करते हैं लेकिन टिप्स इत्यादि की सर्विस नहीं प्रोवाइड करते हैं

डिस्काउंट ब्रोकर डिमैट अकाउंट का कम चार्ज लेते हैं जबकि फुल सर्विस ब्रोकर डिमैट अकाउंट का अधिक चार्ज लेते हैं

डीमैट खाते के शुल्क और शुल्कों में वार्षिक रखरखाव शुल्क, डीमैट और रीमैट शुल्क, डेबिट शुल्क के साथ-साथ स्पीड-ई सेवा शुल्क, कुछ दंड (यदि कोई हो) के साथ अन्य शामिल हैं। सभी डीमैट अकाउंट ऑनलाइन शुल्क सीडीएसएल / एनएसडीएल चार्जर से जुड़े हैं।

शेयर मार्केट में शेयर कैसे बेचे औऱ ख़रीदे जाते हैं

शेयर मार्केट में शेयर 3 तरीके से खरीदे और बेचे जाते हैं

1.Intraday ट्रेडिंग

2.शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट

3.लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट

शेयर मार्केट में शेयर 3 तरीके से खरीदे और बेचे जाते हैं पहला इंटरव्यू ट्रेडिंग दूसरा शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट तीसरा लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट इंट्राडे ट्रेडिंग में शेरों को एक ही दिन में खरीदार बेचा जाता है शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में शेरों को 2 दिन से लेकर 6 महीने तक की अवधि के बीच खरीदार बेचा जाता है लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट का अर्थ 1 साल से लेकर अनंत वर्ष तक माना जाता है एक्सपर्ट का मानना है कि सबसे ज्यादा रिस्क सबसे कम समय में पैसे लगाना है अगर आप दिल दाऊदी तक पैसे लगाकर रखते हैं तो इसमें एक्सपर्ट का मानना है कि फायदे होने के चांस ज्यादा होते हैं

शेयर मार्केट करने के लिए क्या योग्यता चाहिए

दोस्तों शेयर मार्केट करने के लिए आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए

अगर शेयर मार्केट में आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो वैसे तो इनकम की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन एक शेयर मार्केट के लेखक होने के नाते मैं आपको यह सुझाव दूंगा कि आपका एक इनकम का श्रोत होना चाहिए ताकि जब तक आप शेयर मार्केट को सीखते और समझते हैं तब तक आप के अंदर वह क्षमता होनी चाहिए कि आप कुछ पैसे को सके और कुछ पैसे पा सकें अगर आप किसी पर डिपेंड नहीं है तब आप शेयर मार्केट की शुरुआत अच्छी तरीके से कर सकते हैं बाकी कोई बाध्यता नहीं है

उम्र के साथ-साथ आपके पास पैन कार्ड आधार कार्ड बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है

शेयर मार्केट में निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

शेयर मार्केट में निवेशक को को मुख्य रूप से पोर्टफोलियो की विविधता का ध्यान देना चाहिए साथ ही साथ अपने वित्तीय लक्ष्य के मुताबिक उनको पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए अगर शेयर मार्केट में निवेशक नया है तो से शेयर मार्केट में अधिकतम समय सीखने में लगाना चाहिए और अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना चाहिए अनुशासन का बहुत ज्यादा महत्व होता है शेयर बाजार में शेयर बाजार में समय कभी बहुत ज्यादा महत्व होता है यथार्थवादी अपेक्षाएं ही एक निवेशक को रखनी चाहिए निवेश करने के लिए धन किसी से उधार नहीं लेना चाहिए.

दोस्तों यह आलेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताएं, ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहिए और विजिट करते रहिए Share Market Ki Jankari Hindi Me अगर पोस्ट पसंद आई हो तो इसे अपने मित्रों तक शेयर करें और ज्ञान के इस प्रवाह को लगातार बहाते रहे.

यह लेख शेयर मार्केट में 3 साल से काम कर रहे लेखक Nyaman Sahu द्वारा लिखी गई है उन्होंने एक पुस्तक का भी प्रकाशन किया है जिसका नाम है इंट्राडे ट्रेडिंग सीक्रेट्स ऑफ प्रॉफिट.