नानक नाम लेवा संगत

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Nanak Naam Lewa Sangat: नमस्कार दोस्तों आज हम जानेंगे नानक नाम लेवा संगत क्या है और यह चर्चा में क्यों था?

कोई भी व्यक्ति जो गुरु नानक देव के बताए मार्ग पर विश्वास करता है और जीवन में उसकी शिक्षाओं का पालन करता है चाहे वह किसी भी धर्म से संबंधित हो नानक नाम लेवा (Nanak Naam Lewa) या नानकपंथी (Nanakpanthi) कहलाता है।

गुरु नानक देव जी ने एकता का संदेश दिया जिसके कारण विभिन्न धर्मों के लोग उनके अनुयायी बन गए। उनके दर्शन का मूल सार ‘सबना जिया का इक दाता’ (Sabhna jiya ka ik daata) अर्थात् जीवन देने वाला ईश्वर एक है, और ‘ना कोई हिंदू, ना कोई मुसलमान’।

एक अनुमान के अनुसार, दुनिया भर में 12-15 करोड़ नानकपंथी हैं।

Gurdwara Darbar Sahib:

  • करतारपुर साहिब गुरुद्वारा या गुरुद्वारा दरबार साहिब पाकिस्तान में रावी नदी के किनारे बना है। पाकिस्तान के नारोवाल ज़िले में स्थित यह गुरुद्वारा भारत की सीमा से केवल 4 किलोमीटर दूर है।
  • गुरु नानक देव (Guru Nanak Dev) की 481वीं पुण्यतिथि मनाने के लिए पाकिस्तान से कम से कम 4,500 सिख श्रद्धालु करतारपुर (Kartarpur) स्थित ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे में इकट्ठा हुए.  तीन दिन तक चला ‘ज्योति जोत गुरु पर्व’ मंगलवार को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम में समूचे पाकिस्तान से बड़ी संख्या में सिख शामिल हुए, लेकिन, कोविड-19 महामारी (Covid 19) की वजह से लगे यात्रा प्रतिबंधों के कारण भारतीय सिख इसमें शामिल नहीं हो सके. यह कार्यक्रम रविवार को ‘पाठ साहिब’ के साथ शुरू हुआ था और मंगलवार को ‘भोग अखंड पाठ साहिब एवं अरदास’ के साथ संपन्न हुआ। संबंधित ट्रस्ट के अनुसार इस कार्यक्रम में 4,500 सिख श्रद्धालु शामिल हुए.

Credit: Drishti