Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye

Last Updated on 3 months by Editorial Staff

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye, Chhattisgarh State, छत्तीसगढ़ के 29 जिलों के नाम, छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण हेतु आंदोलन, छत्तीसगढ़ में कितने जिले हैं, छत्तीसगढ़ राज्य का गठन कब हुआ, छत्तीसगढ़ – विकिपीडिया, छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा शहर, छत्तीसगढ़ का इतिहास,

छत्तीसगढ़ भारत का एक राज्य है। इसका गठन १ नवम्बर २००० को हुआ था और यह भारत का २६वां राज्य है। पहले यह मध्य प्रदेश के अन्तर्गत था। डॉ॰ हीरालाल के मतानुसार छत्तीसगढ़ ‘चेदीशगढ़’ का अपभ्रंश हो सकता है। कहते हैं किसी समय इस क्षेत्र में 36 गढ़ थे, इसीलिये इसका नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। किंतु गढ़ों की संख्या में वृद्धि हो जाने पर भी नाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ,छत्तीसगढ़ भारत का ऐसा राज्य है जिसे ‘महतारी'(मां) का दर्जा दिया गया है।

छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: “छत्तीसगढ़” तो वैदिक और पौराणिक काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केन्द्र रहा है। यहाँ के प्राचीन मन्दिर तथा उनके भग्नावशेष इंगित करते हैं कि यहाँ पर वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध संस्कृतियों का विभिन्न कालों में प्रभाव रहा है। एक संसाधन संपन्न राज्य, यह देश के लिए बिजली और इस्पात का एक स्रोत है, जिसका उत्पादन कुल स्टील का 15% है। छत्तीसगढ़ भारत में सबसे तेजी से विकसित राज्यों में से एक है।

छत्तीसगढ़ क्यों प्रसिद्ध (Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye)

छत्तीसगढ़ की खासियत क्या है?

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: छत्तीसगढ़ अपनी विविध लोक संस्कृति के साथ आश्चर्यजनक झरने, सुंदर परिदृश्य, गुफा, मंदिरों, विरासत स्थलों के लिए जाना जाता है। इस खास लेख में जानिए पर्यटन के लिहाज से यह राज्य आपके लिए कितना खास है।

छत्तीसगढ़ का पुराना नाम क्या है?

छत्तीसगढ़ को पहले दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता है।

छत्तीसगढ़ की मातृभाषा क्या है?

छत्तीसगढ़ी भारत के छत्तीसगढ़ राज्य में बोली जाने वाली भाषा है। यह हिन्दी के अत्यन्त निकट है और इसकी लिपि देवनागरी है। छत्तीसगढ़ी का अपना समृद्ध साहित्य व व्याकरण है। छत्तीसगढ़ी २ करोड़ लोगों की मातृभाषा है।

छत्तीसगढ़ का मुख्य भोजन क्या है?

चावल राज्य में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला अनाज है। छत्तीसगढ़ का स्थानीय भोजन बहुत ही सरल और पकाने में आसान है। चावल, छत्तीसगढ़ का मुख्य भोजन है।

छत्तीसगढ़ की मुख्य संस्कृति क्या है?

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: छत्तीसगढ़ की भूमि आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, हालांकि, राज्य के पूर्वी हिस्से उड़िया संस्कृति से प्रभावित रहते हैं। जनजाति की आबादी जीवन के पारंपरिक मानदंडों का सख्ती से पालन करती है। यह उनकी जीवन शैली, नृत्य, संगीत, संस्कृति, आभूषण, वेशभूषा और भोजन की आदतों में दर्शाया गया है।

छत्तीसगढ़ की वेशभूषा क्या है?

पुरूष सामान्यतया धोती, कुर्ता, गमछा` पहनते हैं और सिर में पागा (पगड़ी) का प्रयोग करते हैं साथ ही पैरो में एक विशेष प्रकार का जूता पहनते हैं। जिसे भदई कहते हैं। महिलाए सामान्यतया साड़ी और ब्लॉउज (लुगरा-पोलगा) पहनती हैं तथा अपने पैरो में एक विशेष जूता जिसे अटकारिया कहते हैं पहनती हैं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति क्या है?

छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत में समृद्ध है। राज्य में एक बहुत ही अद्वितीय और जीवंत संस्कृति है। इस क्षेत्र में 35 से अधिक बड़ी और छोटी रंगो से भरपूर जनजातियां फैली हुई हैं। उनके लयबद्ध लोक संगीत, नृत्य और नाटक देखना एक आनंददायक अनुभव है जो राज्य की संस्कृति में अंतर्दृष्टि भी प्रदान करता हैं।

छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय मिठाई कौन सा है?

पपची छत्तीसगढ़ राज्य का राजकीय मिठाई है। ये बालूशाही को भी मात कर सकती है। मीठी पपची, मंद आंच (धीमी आंच) में सेके जाने से कुरमुरी और स्वादिष्ट बन जाती है।

छत्तीसगढ़ में कितनी भाषाएं बोली जाती हैं?

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: छत्तीसगढ़ी और हिंदी छत्तीसगढ़ की मुख्य बोली जाने वाली भाषाएँ हैं। हालाँकि, लगभग 93 प्रकार की भाषाएँ उपयोग की जाती हैं, जिनमें से 70 केवल छत्तीसगढ़ी से संबंधित हैं।  उदाहरण के लिए, सादरी की बोली विभिन्न आदिवासी समूहों द्वारा समझी और परिचित है। 

छत्तीसगढ़ का नाम छत्तीसगढ़ क्यों है?

कहते हैं किसी समय इस क्षेत्र में 36 गढ़ थे, इसीलिये इसका नाम छत्तीसगढ़ पड़ा। किंतु गढ़ों की संख्या में वृद्धि हो जाने पर भी नाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

छत्तीसगढ़ का सबसे खूबसूरत शहर कौन सा है?

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक सुंदर और प्राकृतिक रूप से समृद्ध शहर है. यह राज्य के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है. यह शहर स्मारकों और महलों के साथ-साथ झीलों, झरनों और जंगलों जैसे प्राकृतिक अजूबों के लिए सबसे प्रसिद्ध है ।

छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा राज्य कौन सा है?

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: इस जिले का क्षेत्रफल मात्र 1,682 km² है। छत्तीसगढ़ राज्य का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला सरगुजा (39,114 वर्ग किमी।) है। जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला का नाम दुर्ग जिला है जिसका क्षेत्रफल 8,537 वर्ग किमी है।

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध कौन सा है?

गंगरेल बाँध में जल धारण क्षमता 15,000 क्यूसेक है। यह बांध सबसे बड़ा और सबसे लंबा बांध माना जाता है।

छत्तीसगढ़ का राजकीय फल क्या है?

छत्तीसगढ़ का राजकीय फल कटहल है।

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय चिन्ह क्या है?

छत्तीसगढ़ का राजकीय प्रतीक चिन्ह

36 गढ़ों से घिरा हुआ गोलाकार चिन्ह हरे रंग का होता है। मध्य में अशोक स्तम्भ लाल रंग का होता है । धान की बालियाँ सुनहरी रंग का होता है । ऊर्जा नीला रंग का होता है।

छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय वृक्ष कौन सा है?

साल (sal or Shorea robusta) या सरई छत्तीसगढ़ का राजकीय वृक्ष है .

छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय चिन्ह क्या है?

छत्तीसगढ़ के राजकीय राज्य प्रतीक चिन्ह 36 गढ़ों से घिरा हुआ एक गोलाकार चिन्ह हरे रंग का होता है। मध्य में अशोक स्तम्भ लाल रंग का होता है। धान की बालियाँ सुनहरी रंग का होता है । ऊर्जा नीला रंग का होता है।

छत्तीसगढ़ का इतिहास

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम ‘दक्षिण कौशल’ था जो छत्तीस (36 ) गढ़ों को अपने में समाहित रखने के कारण कालांतर में “छत्तीसगढ़” बन गया। ठीक वैसे ही, जैसे ‘मगध’ जो बौद्ध विहारों की अधिकता के कारण “बिहार” बन गया।

छत्तीसगढ़ में मेघवंश ( दूसरी शताब्दी) बाणवंश, राजर्षितुल्य कुल, पर्वद्वारक वंश, नल वंश, शरभपुरी वंश, पाण्डू वंश, सोमवंश – सिरपुर, काक्तीय, वाकाटक और पाण्डू वंश – मैकल राजवंशो ने शासन किया था। कलचुरि शासन में गढ़ महत्वपूर्ण इकाई थी। छत्तीसगढ़ ३६ में विभाजित था। छत्तीसगढ़ में कलचुरियो की दो शाखाये थी।

“छत्तीसगढ़” वैदिक और पौराणिक काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केन्द्र रहा है। इस क्षेत्र का उल्लेख प्राचीन ग्रंथो जैसे ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ में भी है। यहाँ के प्राचीन मन्दिर तथा उनके भग्नावशेष इंगित करते हैं कि यहाँ पर वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध के साथ ही अनेक संस्कृतियों का विभिन्न कालो में प्रभाव रहा है।

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye: इतिहास में इसके प्राचीनतम उल्लेख सन ६३९ ई० में प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्मवेनसांग के यात्रा विवरण में मिलते हैं। उनकी यात्रा विवरण में लिखा है कि दक्षिण-कौसल की राजधानी सिरपुर थी। बौद्ध धर्म की महायान शाखा के संस्थापक बोधिसत्व नागार्जुन का आश्रम सिरपुर (श्रीपुर) में ही था। इस समय छत्तीसगढ़ पर सातवाहन वंश की एक शाखा का शासन था।

महाकवि कालिदास का जन्म भी छत्तीसगढ़ में हुआ माना जाता है। प्राचीन काल में दक्षिण-कौसल के नाम से प्रसिद्ध इस प्रदेश में मौर्यों, सातवाहनों, वकाटकों, गुप्तों, राजर्षितुल्य कुल, शरभपुरीय वंशों, सोमवंशियों, नल वंशियों, कलचुरियों का शासन था। छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय राजवंशो का शासन भी कई जगहों पर मौजूद था। क्षेत्रिय राजवंशों में प्रमुख थे:

बस्तर के नल और नाग वंश, कांकेर के सोमवंशी और कवर्धा के फणि-नाग वंशी। बिलासपुर जिले के पास स्थित कवर्धा रियासत में चौरा नाम का एक मंदिर है जिसे लोग मंडवा-महल भी कहा जाता है। इस मंदिर में सन् १३४९ ई. का एक शिलालेख है जिसमें नाग वंश के राजाओं की वंशावली दी गयी है। नाग वंश के राजा रामचन्द्र ने यह लेख खुदवाया था। इस वंश के प्रथम राजा अहिराज कहे जाते हैं। भोरमदेव के क्षेत्र पर इस नागवंश का राजत्व १४ वीं सदी तक कायम रहा।

Chhattisgarh Kyon Prasiddh Hai Bataiye:

Chhattisgarh Ke 10 Best Tourist Places Kon Se Hai