बाबासाहेब आंबेडकर की ऐसी बातें जो शायद आप नहीं जानते

Last Updated on 6 months by Editorial Staff

बाबासाहेब आंबेडकर: आज के इस पोस्ट में हम आपको बाबासाहब आम्बेडकर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर के बारे में कुछ रोचक तथ्य बताएंगे जो शायद आप पहले से जानते हो या आप उन तथ्यों से अनजान हो तो अंतिम तक जरूर पढ़ें और अपने दोस्तों और परिजनों से शेयर करें ताकि बाबा साहब के बारे में वह भी जानकारी ले सकें

बाबासाहब आम्बेडकर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर के बारे में
बाबासाहब आम्बेडकर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर के बारे में

भीमराव अम्बेडकर के बारे में

बाबासाहब आम्बेडकर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर
बाबासाहब आम्बेडकर डॉ॰ भीमराव अम्बेडकर

आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को ब्रिटिश भारत के मध्य प्रांत (अब मध्य प्रदेश) में स्थित महू नगर सैन्य छावनी में हुआ था।

भीमराव रामजी आम्बेडकर, डॉ॰ बाबासाहब आम्बेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, और समाजसुधारक थे।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

उन्होंने दलित बौद्ध आन्दोलन को प्रेरित किया और अछूतों (दलितों) से सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

आंबेडकर की आत्मकथा ‘वेटिंग फॉर अ वीज़ा’ को कोलंबिया यूनिवर्सिटी में टेक्स्टबुक के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

आंबेडकर ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना में बहुत अहम भूमिका निभाई। उनकी किताब ‘द प्रॉब्लम ऑफ द रुपी- इट्स ऑरिजिन ऐंड इट्स सलूशन’ से इसके लिए कई सुझाव लिए गए।

1955 में बाबासाहेब ने मध्य प्रदेश और बिहार में बेहतर शासन के लिए दोनों राज्यों के विभाजन का सुझाव दिया था। 45 साल बाद इन राज्यों का विभाजन सन 2000 में किया गया और छत्तीसगढ़ व झारखंड बने।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

सन 1990 में, उन्हें भारत रत्न, भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से मरणोपरान्त सम्मानित किया गया था।

वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मन्त्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माताओं में से एक थे।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

आम्बेडकर विपुल प्रतिभा के छात्र थे। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स दोनों ही विश्वविद्यालयों से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधियाँ प्राप्त कीं तथा विधि, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में शोध कार्य भी किये थे।

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

व्यावसायिक जीवन के आरम्भिक भाग में ये अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे एवं वकालत भी की तथा बाद का जीवन राजनीतिक गतिविधियों में अधिक बीता। 

बाबासाहेब आंबेडकर
बाबासाहेब आंबेडकर

इसके बाद आम्बेडकर भारत की स्वतन्त्रता के लिए प्रचार और चर्चाओं में शामिल हो गए और पत्रिकाओं को प्रकाशित करने, राजनीतिक अधिकारों की वकालत करने और दलितों के लिए सामाजिक स्वतंत्रता की वकालत की और भारत के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

बाबासाहेब मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दो साल तक प्रिंसिपल पद पर कार्यरत रहे।

आम्बेडकर जयन्ती
आम्बेडकर जयन्ती

14 अप्रैल को उनका जन्म दिवस आम्बेडकर जयन्ती के तौर पर भारत समेत दुनिया भर में मनाया जाता है।

आम्बेडकर ने “थॉट्स ऑन पाकिस्तान नामक 400 पृष्ठों वाला एक पुस्तक लिखा, जिसने अपने सभी पहलुओं में “पाकिस्तान” की अवधारणा का विश्लेषण किया।

Economics का Nobel Prize जीत चुके अर्थशास्त्री प्रो. अमर्त्य सेन डॉ. बी आर अम्बेडकर को अर्थशाश्त्र में अपना पिता मानते हैं।

बाबासाहेब आंबेडकर की ऐसी बातें जो शायद आप नहीं जानते